निकाय चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के लिए चुनौती बनी ये प्रत्याशी,मुकाबला ​बना त्रिकोणिय

निकाय चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के लिए चुनौती बनी ये प्रत्याशी,मुकाबला ​बना त्रिकोणिय

हरिद्वार(कमल खड़का)। निकाय चुनाव के शुरूआती दौर में जंहा बागी उम्मीदवार ने भाजपा और कांग्रेस का गणित बिगाड़ रखा है तो कहीं पर तीसरे विकल्प के तौर पर खड़े निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी इन दोनो प्रत्याशीयों के लिए मुश्किल खड़ी की हुई हैं। हरिद्वार नगर निगम के वार्ड 16 में भी अमुमन यही हाल हैं। यहां पर निर्दलीय उम्मीदवार रवि किरन यादव ने भाजपा और कांग्रेस की नाक में दम किया हुआ हैं। शुरुआती दौर में किरन फिलहाल दोनो ही प्रत्याशीयों से आगे दिखायी दे रही हैं।

खास खबर—Ward न. 24 में भाजपा प्रत्याशी का Election Office खुला
वार्ड—16 शिवलोक क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशीयों के लिए खासी परेशानी का सबब बन चुकी निर्दलीय प्रत्याशी ​​रवि किरन यादव सभी से आगे दिखायी दे रही हैं। वार्ड—16 में 3300 वोट हैं। हालांकि इस वार्ड में कई उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल यहां मुकाबला त्रिकोणिय दिखायी दे रहा हैं। जिसमें किरन यादव दोनो ही प्रत्याशीयों से आगे हैं। हालांकि किरन यादव बताती है कि वे जनता के प्रेम और अपनी व्यवाहरिकता के आधार पर ही चुनाव लड़ रही हैं। रवि किरन बताती है कि जो दूसरी पार्टीयों के प्रत्याशी मैदान में है उन्हे क्षेत्र की समस्या त​क नहीं पता हैं तो जनता के मुददों की क्या बात ​करते हैं।

किरन की दावेदारी की मजबूत वजह !

नगर निगम के चुनावी समर में भाजपा व कांग्रेस को अपने ही पार्षद कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर चुनौती पेश कर रहे हैं। इसी तरह से कई सीटों पर कांग्रेस और भाजपा पार्टी के प्रत्याशियों को अपनों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। पता चला है कि कुछ इलाकों में पार्टी के ही नेता भीतरखाने विरोध कर रहे हैं या पार्टी उम्मीदवारों के साथ खुलकर प्रचार नहीं कर पा रहे हैं। पार्टी नेताओं की राय को दरकिनार कर किसी अन्य को टिकट दिए जाने से नाराजगी दिख रही है। कुछ जगहों पर पार्टी से जुड़े लोगों की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पाई हैं, वे अंदरखाने आशा के अनुरूप मदद करने में सक्रिय प्रतीत नहीं हो रहे हैं। जो अगर साथ हैं भी तो वो कहीं न कहीं अंदर ही अंदर भीतरघात की प्लानिंग बना रहे हैं। इस वजह से उम्मीदवार समस्याओं से जूझते दिख रहे हैं। नगर निगम में कई वार्डों में एक बात देखने में आ रही है
पार्टी के उम्मीदवारों का भी कई इलाकों में अंदरखाने विरोध हो रहा है। पता चला है कि कुछ इलाकों में पार्टी के ही नेता भीतरखाने विरोध कर रहे हैं या पार्टी उम्मीदवारों के साथ खुलकर प्रचार नहीं कर पा रहे हैं। निकाय चुनावों स्थानीय कार्यकर्ता कोे दरकिनार कर किसी अन्य को टिकट दिए जाने से नाराजगी साफ दिख रही है ।

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