राज्य सरकार नारी निकेतन में रहने वाले संवासनियों व बालिकाओं की अभिभावक—सीएम
 

देहरादून(ब्यूरो)। राज्य सरकार नारी निकेतन व राजकीय शिशु गृह में रहने वाले संवासनियों व बालिकाओं की अभिभावक है यह कहना हैं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का। उन्होने कहा कि बालिकाओं व संवासनियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरन्तर प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी देहरादून को निर्देश दिए कि नारी निकेतन में रहने वाली बालिकाओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार उन्मुख कौशल विकास व बागवानी आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाए।

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इसके लिए कौशल विकास विभाग से अनुबन्ध किया जाए। त्रिवेन्द्र ने नारी निकेतन में रहने वाली संवासनियों व बालिकाओं के नियमित हैल्थ चैकअप के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से दिव्यांग संवासनियों की सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी को नए वर्ष के अवसर पर केदारपुरम देहरादून स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, नारी निकेतन व राजकीय शिशु गृह पहुंचकर वहां उपस्थित बालक-बालिकाओं, संवासनियों व बच्चों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। सीएम ने जिला प्रोबिशन अधिकारी /जिला बाल संरक्षण अधिकारी देहरादून को नारी निकेतन के भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि संवासनियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नारी निकेतन भवन को राष्ट्रीय स्तर की आदर्श ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित करने के साथ ही सभी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करवाई जाए। त्रिवेन्द्र ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर सुधार गृह) में रहने वाले बालकों से विस्तृत अनौपचारिक बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बालक-बालिकाओं से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं व रूचि के बारे में पूछा व उन्हें जीवन सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।

 

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