नगर निकाय चुनाव पर फंस सकता है पेंच,हाईकोर्ट पहुंच गये है ये लोग

नगर निकाय चुनाव पर फंस सकता है पेंच,हाईकोर्ट पहुंच गये है ये लोग

नैनीताल(ब्यूरो)। नगर निकाय चुनाव को लेकर एक बार फिर से संशय के बादल मंडराने लगे हैं। रुड़की नगर निगम में चुनाव न कराने को लेकर वहां के पूर्व मेयर ने नैनीताल हाईकोर्ट में चुनौती दी हैं। सरकार द्वारा सिर्फ 7 निगमों में चुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया था। हाईकोर्ट की स्पेशल बैंच ने मामले को सुनने के बाद राज्य सरकार से पूछा है कि चुनाव में रुड़की को क्यों छोड़ा गया है? जिस पर सरकार ने पर 22 अक्टूबर तक कोर्ट में जवाब दाखिल करने की बात कही हैं।

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बता दें कि 14 अक्टूबर को राज्य सरकार ने उत्तराखंड में निकायों के आरक्षण के लिये अधिसूचना जारी की, जिसके बाद 15 अक्टूबर को राज्य में निकाय चुनावों की घोषणा कर दी गई। मगर इसमें रुड़की नगर निगम को छोड़ दिया गया, जिसको लेकर रुड़की के निर्वतमान मेयर यशपाल राणा ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा है कि सभी नगर निगमों में एक साथ चुनाव कराये जाएं।
याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने रुड़की निगम को चुनाव से अगल किया है जो कि गलत है। इससे अन्य निगमों में भी आरक्षण का क्रम बदल जायेगा। याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि अन्य निकायों के साथ ही रुड़की में भी चुनाव कराने का आदेश सरकार को दिया जाए।

वहीं, उनके इस कदम से रुड़कीवासियों की निगाहें इस बात को लेकर नैनीताल की ओर टिक गई हैं कि नगर निगम चुनाव को लेकर हाईकोर्ट कुछ निर्धारित करता है या फिर सरकार की अधिसूचना ही मान्य होगी। यदि कोई परिवर्तन होता है तो रुड़की के साथ-साथ अन्य निकायों की चुनाव प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ सकता है।

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