उत्तराखंड में सैन्य वोटर तय करेगें प्रत्याशीयों की हार-जीत का समीकरण

उत्तराखंड में सैन्य वोटर तय करेगें प्रत्याशीयों की हार-जीत का समीकरण

देहरादून(अरुण शर्मा)। देश में जब बहादुरी और वीरता की जब जब बात होगी तो उत्तराखंड का नाम शायद सबसे उपर होगा। देश में इस समय चल रहे माहोल के बीच लोकसभा चुनाव की दस्तक में भी इस बार उत्तराखंड के इस शौर्य का अहम रोल होने वाला हैं। हम बात कर रहे है उत्तराखंड के 12 फीसदी सैन्य वोटरों की जो आने वाले चुनाव में उत्तराखंड की पांच सीटों पर जीत—हार में अहम रोल निभाने का काम कर सकती हैं।

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प्रदेश के कुल मतदाताओं के तकरीबन 12 फीसद मतदाता सैन्य परिवारों से हैं। यही कारण है कि प्रमुख राजनीति दल इन्हें लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। उत्तराखंड से तकरीबन हर परिवार से एक व्यक्ति सेना में है। शायद यही वजह है कि चुनाव में हर राजनितिक दल सैन्य वोटर वोट बैंक को लुभाने की पुरजोर कोशिश करता रहा हैं।

उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर सैनिक व पूर्व सैनिकों की संख्या 2.56 लाख है। यह कुल सैन्य वोटर का 3.35 प्रतिशत है लेकिन इनमें यदि इनके परिवार को शामिल कर दिया जाए तो यह मत प्रतिशत बढ़कर लगभग 12 प्रतिशत के पास पहुंच जाता है।
उत्तराखंड में सैन्य वोटर विशेष रूप से पौड़ी, टिहरी व अल्मोड़ा सीटों पर निर्णायक भूमिका में हैं।

पूर्व सैनिक वोटर

अल्मोड़ा – 13979
बागेश्वर – 11440
चंपावत – 4669
पिथौरागढ़ – 24690
नैनीताल – 14075
ऊधमसिंह नगर – 9238
चमोली – 14745
देहरादून – 28689
पौड़ी – 30104
हरिद्वार – 5366
रुद्रप्रयाग – 4899
टिहरी – 6592
उत्तरकाशी – 1033
कुल योग- 169519
कुल सर्विस वोटर- 88600

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