हड़ताल रोकने को डबल इंजन का मास्टर प्लान
 

देहरादून(अरुण शर्मा)। हड़ताल को रोकने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान बनाया जिसका मोर्चा अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने संभाला। ओमप्रकाश ने मंगलवार को सचिवालय सभागार में उत्तराखण्ड अधिकारी-कर्मचारी – शिक्षक समन्वय समिति द्वारा दिये गये हड़ताल के नोटिस के पर सभी सचिवों, विभागाध्यक्षों को दिशा निर्देश जारी किये। ओमप्रकाश ने जंहा जिलाधिकारी देहरादून को सुरक्षा के लिहाज से कड़े कदम उठाने के निर्देश दिये वहीं गठित कमेटी को कर्मचारियों की समस्याओं का निरन्तर अनुश्रवण एवं समाधान करने के निर्देश दिये।

खास खबर——सरस्वती शिशु मंदिर बन रहे ग्लोबल और डिजिटल,दी जा रही है ट्रेनिंग

सरकार का मास्टर प्लान

-बैठक में समस्त जिलाधिकारियों को इस दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिये गये।
-देहरादून जिलाधिकारी एस0मुरूगेशन को सचिवालय में एक एसडीएम तथा एक पुलिस उपाध्यक्ष तैनात करने के निर्देश दिये।

-हड़तालियों में सख्त नजर रखने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों में सीसीटीवी कैमरा तथा विडियोग्राफी कराने के निर्देश दिये गये।
-31 जनवरी, 2019 एवं 04 फरवरी, 2019 प्रस्तावित आन्दोलन के दौरान किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत न किये जाने के निर्देश जारी किये गये।

ऐसे होगा समाधान

अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कर्मचारियों की समस्याओं को एकरूपता से समाधान करने के लिए प्रयास करने का आदेश दिया। उन्होने कहा कि जो समस्या का समाधान विभाग के स्तर से न हो उसे शासन स्तरीय कमेटी के संज्ञान में लाया जाय। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा दिये गये हड़ताल के नोटिस की तिथियों में जो अधिकारी कार्य करना चाहते हैं, उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाये। बैठक में तय हुआ कि 31 जनवरी तथा 04 फरवरी को अवकाश में रहने वाले कर्मियों को सचिवालय में प्रवेश न दिया जाय। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु ग्रीवान्सेस कमेटी गठित करने के निर्देश दिये, तथा प्रत्येक तीन माह में कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु नियमित बैठक करने के निर्देश दिये।

प्रतिबन्धित है हड़ताल

अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सतर्कता राधा रतूड़ी ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली हड़ताल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के अन्तर्गत प्रतिबन्धित है। उन्होंने इस सम्बन्ध में बताया कि विभाग के पत्र 13 दिसम्बर, 2018 द्वारा मा0 उच्च न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञानित जनहित याचिका संख्या 115/2018 In the matter of Prevention of Recurrent Strikes Organized by various Government/Non Government Unions/Organizations में पारित निर्णय 29 अगस्त, 2018 में दिये गये आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठनों द्वारा अपनी मांगों के सम्बन्ध में प्रायः हड़ताल/कार्य बहिष्कार किए जाते हैं, जिससे जहां एक ओर जन सामान्य को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है, वहीं शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में विलम्ब होता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली हड़ताल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के अन्तर्गत प्रतिबन्धित है।

 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *