आपको मिलवाते है अजय भट्ट के ‘हनुमान’ से-जिसने चुनावी रणनीति को उतारा जमीन पर

आपको मिलवाते है अजय भट्ट के ‘हनुमान’ से-जिसने चुनावी रणनीति को उतारा जमीन पर

हरिद्वार(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीट पर जीत का सबब राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई हैं। ऐसे में भाजपा को जंहा सभी सीटों पर जीत का सिलसिला बरकार रखना है तो वहीं कांग्रेस भाजपा और मोदी के तिलस्म को तोड़ने के लिए जी जान से लगी हुई हैं। इन सबके बीच में अजय भट्ट के लिए यह चुनाव सबसे अधिक प्रतिष्ठा का सबब बना हुआ है। जिसमें नैनीताल लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीतना और प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पार्टी का राज्य में बेहतर प्रदर्शन शामिल हैं।

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ऐसे में अजय भट्ट के लिए एक शक्स हनुमान साबित हो रहा हैं। जो न केवल भट्ट के लिए खास है अपितु चुनाव की पांचों सीटों पर अहम भूमिका भी निभा रहे हैं। कभी भी लाइमलाइट में आने से परहेज करने वाले इस शक्स का नाम है सुनील सैनी। सुनील उत्तराखंड सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। उत्तराखंड के इस चुनावी महासमर में सुनील अजय भट्ट के हनुमान साबित हो रहे हैं। पांचों लोकसभा सीट पर अजय भट्ट की चुनावी रणनीति को धरातल पर उतारने में दिन-रात एक करने वाले सुनील सैनी की युवाओं में खासी पैंठ मानी जाती हैं।

कौन है सुनील सैनी ?

सुनील सैनी उत्तराखंड सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष हैं। मूल रुप से हरिद्वार के रहने वाले सुनील सैनी एक निजी व्यवसायिक कॉलिज का संचालन करते हैं। कई सालों से शिक्षा जगत से जुड़े सुनील अजय भट्ट के काफी करीबी बताये जाते हैं। बताया जा रहा है कि सुनील ने इस लोकसभा चुनाव की पांचो सीटों पर अजय भट्ट के हनुमान बन कर काम किया। यही नहीं उन्होने अजय भट्ट की रणनीति को भी धरातल पर उतारने में दिनरात एक कर दी।

हरिद्वार में अहम योगदान

हरिद्वार लोकसभा सीट पर एक बड़े तबके को भाजपा की ओर डार्यवट करने में सुनील सैनी की मेहनत को अहम माना जा रहा हैं। हरिद्वार से बसपा ने जब अंतरिक्ष सैनी को मैदान में उतारा तो सैनी समाज के वोट को सेंध लगना तय माना जा रहा था। हालांकि अब जब चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है तो अब इस वोट को अपना ही बता रही हैं। सुनील सैनी की सक्रियता और समाज में अच्छी पकड़ को इसे शुभ सकेंत माना जा सकता हैं। हालांकि अभी यह दावा कितना सच हो पाता है कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन भाजपा के कई बड़े नेता इस बात को स्विकार कर रहे है कि सुनील ने इसके लिए बहुत काम किया।

इस संबध में जब सुनील से सैनी से पूछा जाता है तो सुनील बताते है कि मै उनका हनुमान नहीं हूं लेकिन वे मेरे राम हैं। सुनील सैनी आगे बताते है कि वे अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं। वे कहते है कि भट्ट जी से उन्हे बहुत अधिक स्नेह मिलता हैं।

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