हॉट शिल्पा शेट्टी उत्तराखंड में यहां सिखायेगी योग,आप तो आ रहे हैं न

हॉट शिल्पा शेट्टी उत्तराखंड में यहां सिखायेगी योग,आप तो आ रहे हैं न

ऋषिकेश(अरुण शर्मा)। हॉट शिल्पा शेट्टी उत्तराखं​ड में योग सिखाने आ रही हैं। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन होने वाले 30 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में योग सिखाने के लिए आ रही हैं। इस बार अन्तर्राष्ट्रीय योग महापर्व में लगभग 70 देशों के 1100 से अधिक प्रतिभागी सहभाग कर रहे हैैं। 1 मार्च से शुरु होने वाले इस योग महोत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध तालवादक एवं ड्रम वादक शिवमणि के ड्रम और संगीत की मनमोहक प्रस्तुति के साथ होगी। अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का उद्घाटन 1 मार्च उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत करेगें। जबकि सात मार्च को उत्तराखण्ड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या इसका समापन करेगी।
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हॉट शिल्पा शेट्टी का योग

एक से सात मार्च तक चलने वाले अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में इस बार फिल्म जगत के अभिनेता और हॉट बालीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी की योग क्लास खास आर्कषण का केंद्र रहने वाली हैं। शिल्पा जीवन में फिट रहने के लिए किस तरह से योग महत्वपूर्ण हैं यह बताने के साथ—साथ योग भी सिखायेगी। इसके लिए महोत्सव में विशेष सत्र रखा गया हैं। जिसमें यह हसीन अदाकारा योग करना सिखायेगी।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने बताया कि कहा कि इस योग महापर्व में ध्यान व योग की उच्चस्तरीय विधाओं के साथ आत्मिक एवं आध्यात्मिक उन्नति के शिखर को प्राप्त कर पायेंगे। योग, हमें स्वस्थ तन और प्रफुल्लित मन के साथ विश्व एक परिवार है का मूल मंत्र सिखाता है। माँ गंगा हमारे रोम-रोम में दिव्यता का संचार करती हैं। उन्होने कहा कि योग तो संयोग कराता है, विश्व बन्धुत्व का संदेश देता है। योग हमें सद्भाव, समरसता और विश्व एकता का संदेश देता है। भारत कोई भूमि का टुकडा नहीं, बल्कि यह तो जीता जागता राष्ट्र है। इसके मूल में ही शान्ति के बीज समाहित हैं। भारत योग का जन्मदाता और शान्ति का उद्घोषक है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, भारत में आकर योग को आत्मसात करना सचमुच दैवीय अनुकम्पा है। योग के केन्द्र तो पूरे विश्व में हंै परन्तु भारत के पास केवल योग ही नहीं है बल्कि योगमय जीवन पद्धति भी है। उन्होने सभी योगियों को कहा कि जब आप माँ गंगा के तट पर आते हैं; हिमालय की गोद में आते हैं; योग की जन्मभूमि में अपने कदम रखते ह,ैं तब आप जो हैं उसमें एक अद्भुत परिवर्तन होता है। योग, आपके लिये क्षण मात्र का अनुभव नहीं है अपितु चारों पहर की अनुभूति कराता है।

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