हरिद्वार लोकसभा सीट-बदहाल आर्दश गांव और गुटबाजी से पार पा सकेगें निशंक !

हरिद्वार लोकसभा सीट-बदहाल आर्दश गांव और गुटबाजी से पार पा सकेगें निशंक !

हरिद्वार(पकंज सिंह)। हरिद्वार लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी हैं। एक तरफ तो टिकट की दावेदारी को लेकर नेताओं में जोर आजमाईश चल रही हैं तो दूसरी ओर जनता मौजूदा सांसद के कामों का आकंलन करने में लगी हुई हैं। हरिद्वार लोकसभा सीट के आंकलन पर नजर डाले तो रमेश पोखरियाल निशंक के आर्दश गांव की जमीनी हकीकत ही उनके लिए चुनौती पेश करती नजर आ रही हैं।उधर दूसरी ओर हरिद्वार की गुटबाजी से वे कैसे पार पायेगें। जंहा उनकी ही पार्टी के चार बार के विधायक से उनके मधुर सबंध जगजाहिर हो। ऐसे में चैंपियन की ललकार ने निशंक की जीत की राह में कांटे बोने का काम कर दिया हैं।

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हरिद्वार सांसद के गोद लिए उन तीन गांव की जिन्हे सांसद ने गोद तो लिया लेकिन आज पांच साल बाद ये गांव गोद से उतरकर विकास की राह नहीं चल पाये। पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की थी। जिसका उद्देश्य विकास को गांव—गांव तक पहुंचाना था। जिसमें देश के सभी सांसदों को एक गांव को गोद ले और वहां विकास कार्य करें।

हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने संसदीय कार्यकाल के पहले साल ही खानपुर ब्लॉक के गोवर्धनपुर गांव को गोद लिया। वादा था कि वे दो साल के अंदर गांव की सूरत और सीरत दोनों बदल देंगे। पांच साल पूरे हो चुके लेकिन ग्रामिण अभीतक अपने गांव की सूरत और​ सिरत बदलने का इंतजार कर रहे हैं।

जीत की राह में गुटबाजी के कांटे

एक तरफ जंहा निशंक के आर्दश ग्राम उनकी जीत की राह मुश्किल कर रही है तो वहीं दूसरी ओर हरिद्वार की बीजेपी की आपसी गुटबाजी भी उनके लिए इस चुनाव में कठनाई पैदा कर सकती हैं। दरअसल हरिद्वार की राजनिति में एक ओर तो निशंक को स्थानिय विधायक के गुट से पार पाना होगा। निशंक और चार बार केि विधायक मदन कौशिक के साथ निशंक के राजनितिक सबंध कितने मधुर हैं किसी से छुपा नहीं हैं। इधर कुंवर प्रणव चैंपियन का खुलेआम रमेश पोखरियाल निशंक को चुनौती देना उनके लिए हरिद्वार ग्रामिण क्षेत्र से खतरा बना हुआ हैं। ऐसे में निशंक पर दांव खेलना कहीं पार्टी के लिए हार का सबब न बन जाए

 

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