हरिद्वार लोकसभा सीट-रमेश पोखरियाल निशंक की दावेदारी पर लग सकता है ग्रहण

हरिद्वार लोकसभा सीट-रमेश पोखरियाल निशंक की दावेदारी पर लग सकता है ग्रहण

हरिद्वार(अरुण शर्मा)। हरिद्वार लोकसभा सीट पर दावेदारी को लेकर रमेश पोखरियाल निशंक की मुश्किले बढ़ सकती हैं। इस सीट पर एक और जंहा पार्टी का सर्वे उनके लिए मुश्किले खड़ा कर रहा है तो भाजपा की अंदरुनी गुटबाजी भी उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं।

हरिद्वार लोकसभा सीट के अलग-अलग विधानसभाओं में जिस तरह का निशंक विरोधी माहोल देखा जा रहा है। ऐसे में पार्टी उनपर दांव खेलकर शायद ही हरिद्वार जैसी महत्वपूर्ण सीट को खोने का जोखिम लें। बहरहाल शनिवार को होने वाली केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक दावेदारों की किस्मत का फैसला होगा। जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के विकास की ऐसी लहर देख आ जाए रोनाशनिवार को दिल्ली में केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक होनी हैं। दावेदारों की दावेदारी को प्रत्याशी के तौर पर बदलने की अतिंम मोहर इसी बैठक में लगने की उम्मीद हैं। जिसका देखते हुए दावेदार ही नहीं अपितु उनके समर्थकों ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ हैं।

उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीट पर जंहा पौड़ी और नैनिताल सीट भुवनचंद्र खंडूडी और भगत सिंह कोश्यारी के चुनाव न लड़ने को लेकर चर्चाओं में है तो वहीं हरिद्वार लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के खिलाफ बन रहे माहोल को लेकर चर्चा में आ गयी हैं।

“पहले तो दिखे न अब आ रे”

हरिद्वार लोकसभा सीट पर निशंक के खिलाफ पार्टी के भीतर से लेकर संसदीय सीट के लोगों तक में नाराजगी देखने को मिल रही हैं। हरिद्वार लोकसभा सीट के ग्राम भिक्कमपुर निवासी नाथीराम कहते है कि पहले जब चुनाव हुए थे तब निशंक जी को देखा था लेकिन उसके बाद से आज अब चुनाव आ गये है तो दिखायी देंगे।

विकास के काम के सवाल पर वे कहते है साहब विकास तो ऐसा हुआ कि दिखायी नहीं दे रहा हैं। वे कहते है कि म्हारे गांम की रोड़ तो आज तक कच्ची ही है कहा तो था कि पक्की बनायेगें। लेकिन अब तो रोड़ नाला बन गया हैं। अमूमन इस तरह की प्रतिक्रिया करीब करीब सभी ग्रामिण क्षेत्रों से मिल रही हैं।

खुडूड़ी,कोश्यारी के बाद निशंक को न !

निशंक के लिए जंहा संसदीय क्षेत्र में लोगों की नाराजगी परेशानी का सबब बनी हुई है तो वहीं पार्टी के भीतर का विरोध भी उनकी दावेदारी पर ग्रहण लगा सकता हैं। जानकारी के अनुसार निशंक की दावेदारी के विरोध में उनकी ही पार्टी के कुछ नेताओं ने मोर्चा खोला हुआ है और वे इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। देहरादून से लेकर दिल्ली तक उनके खिलाफ पार्टी हाईकमान से मिल कर अपना विरोध दर्ज ​करा रहे हैं। कुंवर प्रणव चैंपियन ने तो खुलकर मोर्चा खोल दिया है जो दिल्ली में भी दिखायी दे रहा हैं।

निशंक नहीं तो कौन ?

हरिद्वार लोकसभा सीट पर पार्टी अगर निशंक पर भरोसा नहीं करती है तो फिर किस पर दांव खेल सकती हैं। ऐसे में पार्टी के समाने दो नाम सामने आ रहे है जिसमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और संगठन महामंत्री नरेश बंसल मुख्य रुप से शामिल है।

पार्टी मदन कौशिक के हाल ही में संपन हुए नगर निगम में मिली हार के चलते और हरिद्वार के भीतर ही सतपाल और निशंक का विरोध के चलते उन पर दांव खेलना दोनो नेताओं की नाराजगी के बीच सीट का रिस्क शायद ही लें। ऐसे में नरेश बंसल की लॉटरी खुल सकती हैं। जो शायद इन सभी मुश्किलों को पार कर इन सभी नेताओं में आपसी सामंजस्य बनाते हुए हरिद्वार सीट को पार्टी की झोली में डाल सकते हैं। बहरहाल अतिंम निर्णय केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड को करना हैं।

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