गैरसैंण राजधानी निर्माण आंदोलन पर राजशाही और अफसरशाही का लापरवाह रवैया

गैरसैंण राजधानी निर्माण आंदोलन पर राजशाही और अफसरशाही का लापरवाह रवैया

देहरादून(कमल खड़का)। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान को लेकर आंदोलन को लेकर राजशाही ही नहीं अफसरशाही भी लापरवाह रवैया अपनाने से बाज नहीं आ रही हैं। मंगलवार को अलग—अलग संगठनों ने एक साथ अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन लेने तक का समय जिलाधिकारी नहीं निकाल पा रहे हैं। जिलाधिकारी कार्यालय में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सर्व संगठनों के प्रतिनिधि भडक उठे व जिलाधिकारी के कक्ष के आगे धरने पर बैठ गये। जिसको देखकर आंदोलनकारियों ने कार्यलयों में तालाबंदी की चेतावनी दी। हलांकि आंदोलनकारीयों की नाराजगी को देखते हुए बाद में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वी.एस. रावत ज्ञापन लेने भेजा गया।

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प्रदेश की स्थाई व पूर्णकालिक राजधानी गैरसैण को लेकर 17 सितम्बर से चल रहे आंदोलन में मंगलवार को अचानक उग्र रुप ले लिया। वजह सर्व संगठनों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन के लिए जिलाधिकारी का लापरवाह रवैया। ज्ञापन में कहा गया है कि स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर तीन माह से भी अधिक समय से आंदोलनकारी क्रमिक धरना पर बैठे हुए हैं। व दृढ़ संकल्परत हैं कि जब तक गैरसैंण राजधानी का प्रश्न हल नहीं होता है हम संघर्ष में बने रहेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि संघर्ष पर अनेकों जन संगठन अपनी लोकतांत्रिक मांगों को सरकार तक पहुॅंचाने के लिए धरना / अनशन चलाते आ रहे हैं| परंतु अधिकृत राज्य धरना स्थल की स्थिति ठीक उसी प्रकार से लचर व दयनीय है, जिस प्रकार से उत्तराखंड प्रदेश है।

ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकृत राज्य धरना स्थल पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। व यहॉं पर नित-प्रतिदिन साफ-सफाई की कोई भी सुचारु व्यवस्था नहीं है। ज्ञापन में कथन किया गया है कि अधिकृत राज्य धरना स्थल अवैध पार्किंग का अड्डा बन चुकी है। यहॉं अकसर देखा जाता है कि गाडियॉं इत्यादि तक Repair आदि होती रहती हैं। जो कि दिनभर धूल और धुऑं उडाती हैं जिससे अनशनकारी एक तरफ तो राज्य व्यवस्था की उपेक्षा से पीडित हैं तो दूसरी ओर व्यवस्थापन की कमी की मार अलग से और झेल रहे हैं। इस ज्ञापन में बताया गया है कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत का मखौल भी अधिकृत राज्य धरना स्थल पर खूब उड़ रहा है। राहगीरों और रात्रि में पार्किंग करने वालों के लिए यह खुले में शौच का अड्डा बना हुआ है। इसके अतिरिक्त देर रात्रि अधिकृत राज्य धरना स्थल पर शराब-नशाखोरी और व्याभिचार भी जोरों पर चल रहा है।

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