हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी को लेकर हुआ यह फैसला,ऐसे निपटेगा मामला
 

हरिद्वार(पकंज पाराशर)। हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी को लेकर बुधवार को अहम फैसला किया गया। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के साथ हुई बैठक में एक समिति बनाकर इसकेे लिए स्थान के चयन करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को देहरादून में विधानसभा में हुई बैठक में यह फैसला किया गया। आपको बता दें कि ज्ञान गोदड़ी को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन किया जा रहा था।

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हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी को लेकर एक अहम फैसला किया गया। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है। जो इसके लिए भूमि चयन करने का काम करेगें। बुधवार को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के साथ हरिद्वार जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन व मेयर सहित कई अहम लोगों को मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया। गठित समिति में गंगा सभा के अध्यक्ष,हरिद्वार नगर निगम की मेयर व विधायक हरभजन सिंह चीमा सहित एक अन्य सदस्य को शामिल किया गया है। समिति भ्रमण कर स्मृति चिन्ह स्थल के लिए भूमि का चयन करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

दशकों से चली आ रही मांग
आपकों बता दें कि हरकी पैड़ी गंगा घाट पर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी बनाने की मांग कई दशक से चली आ रही है। दो साल से सिख समुदाय के लोग प्रेमनगर पुल के पास धरना दे रहे हैं। अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने राज्य मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी भेजकर बताया था कि सिख समुदाय के लोग 30 साल से गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी बनाने की मांग करते आ रहे हैं। प्रेमनगर पुल के पास सिख समुदाय के धरने को दो साल से अधिक समय बीत चुका है। सरकार गुरुद्वारा नहीं बनवा पा रही है, जिससे सिख धर्म के साथ-साथ ¨हदू धर्म के अधिकारों का भी हनन हो रहा है। जिलाधिकारी हरिद्वार, प्रमुख सचिव गृह व प्रमुख सचिव शहरी विकास इसके लिए उत्तरदायी हैं। तीनों अधिकारियों को पक्षकार बनाते हुए गुरुद्वारा बनवाने की मांग प्रार्थना पत्र में की गई है। जिससे गुरुग्रंथ साहिब का सम्मान बरकरार रहे।

 

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