सीएम हेल्पलाइन नंबर 1905
 

देहरादून अरुण शर्मा। अगर आपको है कोई परेशानी है तो आपका एक फोन आपको आपकी परेशानी से निजात दिला सकता हैं। दरअसल उत्तराखंड में सीएम हेल्पलाईन 1905 शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए एक केंद्रीकृत काॅल सेंटर बनाया जाएगा। हेल्पलाईन के टोलफ्री नम्बर 1905 पर काॅल करके कोई भी नागरिक काॅल सेंटर के कर्मचारी के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। गुरुवार को सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सीएम हेल्पलाईन 1905 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

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अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि हेल्पलाईन के सिस्टम को यथासम्भव आसान व सुविधाजनक बनाया जाए। काॅलसेंटर के कर्मचारियों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया जाना होगा। उन्हें सभी विभागों की कार्यप्रणाली की जानकारी होनी चाहिए।
अपर सचिव अरूणेंद्र सिंह चैहान ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी नागरिक का प्रशासन या विभाग स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है तो सीएम हेल्पलाईन 1905 पर काॅल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। समाधान, मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय आदि स्तर पर की जाने वाली शिकायतों को भी इसमें समन्वित किया जाएगा।

कुछ इस तरह काम करेगा 1905

एक इंटीग्रेटेड सिस्टम होने से डुप्लीकेसी को भी रोका जा सकेगा। इस हेल्पलाईन के तहत बनाए गए सिस्टम से नागरिकों की शिकायतों का फाॅलोअप आसानी से हो सकेगा। काॅल सेंटर द्वारा शिकायत सीधे उस अधिकारी को फारवर्ड की जाएगी जहां से उस शिकायत का निस्तारण किया जाना है। इसके संचालन के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा अधिकरण बनाया गया है। प्रभावी निदान व अनुश्रवण के लिए नागरिकों की शिकायतें cmhelpline.uk.gov.in पर पंजीकृत होंगी।

इन मामलो की नहीं होगी सुनवाई

न्यायालय में विचाराधीन मामले, सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले, शासकीय कर्मचारियों के उनकी सेवा से संबंधित मामले इसमें दर्ज नहीं किए जाएंगे। परंतु रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन, मेडिकल आदि के मामले इसमें लिए जाएंगे।
सीएम हेल्पलाईन के तहत विभागीय अधिकारियों की मैपिंग की गई है। इसके लिए चार लेवल बनाए गए हैं। एल-1 में ब्लाॅक या तहसील स्तर के अधिकारी, एल-2 में जिलाधिकारी या विभाग के जिला स्तर के अधिकारी, एल-3 में संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष व एल-4 में संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक शिकायत के लिए निम्न से उच्चतर स्तर के लिए अग्रसारण की व्यवस्था है।
सीएम हेल्पलाईन पर पंजीकृत शिकायतों को सबसे पहले संबंधित एल-1 के अधिकारियों को भेजी जायेगी। शिकायत पंजीकृत कराने के बाद शिकायतकर्ता को एसएमएस द्वारा रिसिविंग प्राप्त होगी जिसमें पंजीकरण नम्बर के साथ शिकायत का विवरण होगा ताकि आगे जाकर इसकी ट्रेकिंग की जा सके।

 

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