उत्तराखंड में स्टोन क्रेशर को लेकर कोर्ट ने तलब किये अधिकारी

उत्तराखंड में स्टोन क्रेशर को लेकर कोर्ट ने तलब किये अधिकारी

उत्तराखंड में स्टोन क्रेशर को लेकर कोर्ट ने तलब किये अधिकारी

नैनीताल(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड में स्टोन क्रेशर लगाने को नही है कोई नियम।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेतरतीब लगाए जा रहे स्टोन क्रेशर को लेकर नैनीताल हाइकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई की गई।

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कोर्ट ने मुख्यसचिव और उद्योग सचिव को अलगी तारीख पर व्यतिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है।

इस मामले में अगली सुनवाई 10 जून को नियत की गई है

कोर्ट ने ये भी पूछा है कि केंद्र सरकार की ध्वनि प्रदूषण नियमावली के तहत औधौगिक आवासीय और साइलेंट जोन कौन से हैं।

क्या सरकार ने किसी क्षेत्र को नोटिफाई किया है कि नहीं, कोर्ट ने ये भी पूछा है कि गाँवो में किस आधार पर स्टोन क्रशर खोले जा रहे हैं।

आपको बतादें की रामनगर के आनन्द सिंह समेत 30 याचिकाओं पर हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है।
याचिकाओं में गावँ से स्टोनक्रशर हटाने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि खेती की जमीन पर स्टोन क्रशर खोले जा रहे हैं
जिससे आवासीय इलाकों में प्रदूषण फैलाने के साथ बीमारी फैलने का खतरा बन गया है।
इन याचिकाओं में स्टोन क्रशरों को औधौगिक क्षेत्र में शिफ्ट करने की मांग की गई है।

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