हरिद्वार (आश्रति)। केंद्र सरकार द्वारा लागु किये गए रोड सेफ्टी बिल(road safety bill) के विरोध एक दिवसीय हड़ताल का असर हरिद्वार में भी देखने को मिला। सुबह से ही हरिद्वार में प्राइवेट बसों, ऑटो रिक्शा, बैटरी रिक्शा और मैक्सी टैक्सी वाहनों के पहिये जाम रहे। समस्त कमर्शियल वाहन महासंघ के बैनर तले हरिद्वार की तमाम ऑटो यूनियनों से जुड़े लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और सूबे के मुख्यमंत्री से इस बिल में बढ़ाई गई जुर्माने राशि मे संशोधन की माँग की गई। वही हड़ताल के चलते स्थानीय लोगो और यात्रियों को भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ा।

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हरिद्वार के ऑटो रिक्शा, बैटरी रिक्शा, प्राइवेट बसों से जुड़ी कई यूनियनों से जुड़े वाहन चालकों ने समस्त कमर्शियल वाहन महासंघ के बैनर तले सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियनों से जुड़े पदाधिकारियों ने हरिद्वार सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। महासंघ के अध्यक्ष पवन अरोरा ने इस रोड सेफ्टी बिल को काला कानून बताया और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस बिल में संशोधन की माँग की। वही पंचपुरी ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस बिल को लेकर 19 सितंबर को कैबिनेट की बैठक होनी है यदि उस बैठक में इस बिल में संशोधन नही किया गया तो वे अनिश्चितकाल के चक्का जाम करेंगे।

एक दिवसीय हड़ताल से हरिद्वार में बसों, ऑटो, रिक्शा, बैटरी रिक्शा समेत सभी सवारी वाहनों के पहिए जाम रहे। हरिद्वार के सिडकुल, रोशनाबाद मुख्यायल, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट आदि में नौकरी पर जाने वाले स्थानीय लोगो और बाहर से आय यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग सभी चौराहों और गलियों पर सवारी गाड़ियों का
इंतजार करते दिखाई दिए।

 

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